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इंडिया ने पहला साउथ एशिया कार्निवाल जीता और दोस्ती कप पाकिस्तान से वापस लिया

इंडिया ने श्री लंका को फाइनल में १० पॉइंट से हरा के पहला साउथ एशिया कार्निवाल जीता। इंडिया पूरा एक बी मैच नहीं हारी। 

इस कम्पटीशन में इंडिया, श्री लंका और पाकिस्तान ने पार्टिसिपेट किया। टीम एक दुसरे को एक बार खेलेंगे और टॉप दो टीम फाइनल्स में खेलेंगे। यह पहली बारी था के श्री लंका ने इस तरा के टूर्नमेंट में टीम थी। 

पहला मैच इंडिया और श्री लंका के बीच में था। दोनों टीमों ने जान तोड़ खेल और श्री लंका ने इंडिया के हर चुनौती का जवाब दिया। उनके स्किल्स और प्लेइंग स्टाइल बहुत अच्छा था। लेकिन इंडिया का अनुभव उनको २२ पॉइंट्स से जीता दिया। 

दूसरा मैच श्री लंका और पाकिस्तान के बीच में था। श्री लंका ने ज़ोरो से शुरुवात की लेकिन पाकिस्तान ने जल्दी ही मैच को अपने कंट्रोल में ला लिया। पाकिस्तान की बुरी गोल किकिंग और श्री लंका की इफेक्टिव गेंद मूवमेंट की वझे से उन्हों ने जीत हासिल की। 

टूर्नमेंट रोमांचिक मोड़ पे था। इंडिया एक जीत पर और उनके पास एक मैच बाकी था। पाकिस्तान एक हार पर और उनके पास बी एक मैच बाकी था। श्री लंका अपने दो मैच खेल के आराम कर रही थी, एक हार और एक जीत पर थी। 

आखरी मैच इंडिया और पाकिस्तान के बीच में था। यह मैच फाइनल डीडी करेंगे और दोनों टीम एक और कप के लिए खेल रही थी, "दोस्ती कप"

दोनों टीमों ने मैच धीरे धीरे शुरू किया और उनके स्किल्स अचे नहीं थे, लेकिन जैसे मैच बड़ था रहा, खिलाड़ी अपने स्किल्स इम्प्रूव कर ते रहे। दोनों टीम गोल के पास इफेक्टिव थे। लेकिन दुसरे क्वार्टर में पाकिस्तान के बुरी गोल किकिंग ने उनको मदद नहीं की। इस बुरी किकिंग का फ़ायदा इंडिया ने उठाया। इंडिया ने उनके मज़बूत खिलाड़ियों को चुप रखा और हर मौके पर गोल करने के ओसद की। अंत में इंडिय ने १० पॉइंट से जीत हासिल की। 

इस का मतलब अब इंडिया और श्री लंका फाइनल में थे। दोनों टीम एक दुसरे की खिलाफ पहले खेल चुके थे जिसने इस मैच को और बी ज़्यादा रोमांचकारी बना दिया। दोनों एक दुसरे को मु तोड़ जवाब दे रहे थे और दोनों पास बहुत टेंशन थी। इस मैच में इंडिया की गोल किकिंग थोड़ी ख़राब थी लेकिन इंडिया के मिडफेल्डर ने श्री लंका को इस का फ़ायदा उठाने नहीं दिया। 

आखरी दो के गेंद गुम थी रही और इंडिया ने गोल मारे और १० पॉइंट्स की लीड हासिल की। इस ही बीच में साईरन बजा और इंडिया जीत गही और पहला साउथ एशिया करनिावल जीती। 

यह कार्निवाल सब ही टीमों ने कम्पेटिटिव स्पिरिट से खेल और सब ने मज़ा किया। भले ही इंडिया कार्निवाल जीती, असली विजेता कम्युनिटी की उन्नति थी जो इस खेल को अपना रहे है। 

लेखक: अमनदीप सिंह